हनुमान जयंती पर जानिए बजरंग बली से जुड़े कुछ रोचक बातें


इस बार दो शुभ नक्षत्रों के संयोग से हनुमान जन्मोत्सव का पर्व मनाया जायेगा। हनुमान जयंती 2019 पर गजकेसरी और चित्रा नक्षत्र का योग बन रहा है। कुछ स्थानों पर हनुमान जयंती कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी पर मनाई जाती है, और कुछ जगह चैत्र शुक्ल पूर्णिमा पर, जबकि धार्मिक ग्रन्थों में दोनों ही तिथियों का उल्लेख आता है। इसका कारण ये है कि पहली तिथि यानि कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को बजरंग बली का विजय अभिनंदन महोत्सव होता है वहीं चैत्र शुक्ल पूर्णिमा पर उनका जन्मदिवस माना जाता है।

श्रीरामभक्त हनुमान


हनुमान भगवान राम के परम भक्त हैं, हनुमान जी माता अंजनि व पवनदेव के पुत्र हैं। धर्म ग्रंथों के अनुसार चैत्र मास की पूर्णिमा के दिन भगवान हनुमान का जन्म हुआ था, इसीलिए ये पर्व हनुमान जयंती के रूप में पूरे देश में मनाया जाता है। जिन सात मनीषियों को अमरत्व का वरदान प्राप्त है, उनमें बजरंगबली भी शामिल हैं । हनुमान जी का अवतार भगवान राम की सहायता के लिये हुआ था। इनके के पराक्रम की असंख्य गाथाएं प्रचलित हैं ।

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बजरंगबली से जुड़ी कुछ रोचक बातें


श्री राम के परम भक्त होने के बावजूद हनुमान जी ने उनके साथ युद्ध भी किया था। एक बार गुरु विश्वामित्र किसी वजह से हनुमानजी से नाराज हो गए और उन्होंने श्री राम को हनुमान को मारने के लिए कहा। राम क्योंकि वह गुरु की आज्ञा नहीं टाल सकते थे, इसलिए उन्होंने अपने भक्त पर प्रहार किए लेकिन इस दौरान हनुमान, राम नाम जपते रहे जिसके चलते उनके ऊपर किसी प्रहार का प्रभाव नहीं हुआ और सारे शस्त्र विफल हो गए। सबसे पहले विभीषण ने हनुमानजी की शरण में आने के लिए उनकी स्तुति की थी और एक बहुत ही अद्भुत और अचूक स्तोत्र की रचना की थी। हनुमान जी रामायण के प्रथम लेखक भी माने जाते हैं। पौराणिक कथा के अनुसार उन्होनें हिमालय पर जाकर रामायण लिखी थी। जब बाल्मीकि जी हिमालय पर गए तो उन्हें वहां पर पहले से ही लिखी हुई रामायण मिली। हनुमान जी को बाल  ब्रह्मचारी के रूप में पहचाना जाता है लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि हनुमान जी का विवाह भी हुआ था।
प्राचीन ग्रंथ पाराशर संहिता के अनुसार भगवान सूर्यदेव के पास 9 विद्याएं थीं। जिनका ज्ञान हनुमान जी पाना चाहते थे। सूर्यदेव ने हनुमान जी को 5 विद्याअों का ज्ञान दे दिया लेकिन 4 विद्याएं एक कारण से हनुमान जी को न दे सके। 4 बची हुई विद्याअों का ज्ञान केवल उन्हीं शिष्टों को दिया जा सकता था जो वैवाहिक हों। लेकिन हनुमान जी तो ब्रह्मचारी थे। इसी वजह से सूर्यदेव हनुमान जी को 4 विद्याअों का ज्ञान नहीं दे सके। लेकिन हनुमान जी सभी विद्याअों को लेने का प्रण ले चुके थे, वे सारी विद्याएं पाना चाहते थे। सूर्यदेव ने हनुमान जी को विवाह करने की बात कही। हनुमान जी अपना  ब्रह्मचर्य खोना नहीं चाहते थे इसलिए उन्होंने विवाह से मना कर दिया। सूर्यदेव के समझाने पर हनुमान ने बची हुई चार बची हुई विद्याअों को पाने के लिए विवाह के लिए हां कर दी।




सूर्यदेव ने हनुमान जी के सामने अपनी पुत्री सुवर्चला से विवाह का प्रस्ताव रखा। सुवर्चला एक महान तपस्वी थी। भगवान सूर्यदेव ने हनुमान जी को विवाह के बाद भी ब्रह्मचारी होने का भरोसा दिया। सूर्यदेव ने हनुमान जी को बताया कि सुवर्चला के साथ विवाह के बाद भी आप ब्रह्मचारी रहोगे क्योंकि विवाह के बाद सुवर्चला फिर से अपनी तपस्या में लीन हो जाएगी। जिसके बाद हनुमान जी ने सुर्वचला से विवाह कर लिया अौर बची हुई चार विद्याअों का ज्ञान प्राप्त कर लिया। विवाह के तुरंत बाद सुवर्चला फिर से अपनी तपस्या में लीन हो गई। इस प्रकार हनुमान जी विवाह के बाद भी ब्रह्मचारी बने रहे।

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हनुमान जयंती पर जानिए बजरंग बली से जुड़े कुछ रोचक बातें हनुमान जयंती पर जानिए बजरंग बली से जुड़े कुछ रोचक बातें Reviewed by Vinit Gupta on April 17, 2019 Rating: 5

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