भारत के बारें में 10 मिथक

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भारत एक  अद्भुत और विविधताओं से भरा देश है। यहाँ की संस्कृति, त्यौहार, जीवनशैली, प्राकृतिक सुंदरता और अध्यात्म हमेशा से ही लोगों को आकर्षित करती आई है। भारत के बारे में बहुत सी रोचक बातें है लेकिन क्या आप जानते हैं भारत के बारे में इन मिथक बातों को जिन्हें हम हमेशा से सच मानते आए हैं।

  1. गांधी जी भारत के राष्ट्रपिता-
    महात्मा गाँधी ; source--Google
    हर कोई गांधी जी को 'राष्ट्रपिता' (The Father of The Nation) कहकर संबोधित करता है। लेकिन सरकार की तरफ से इनको राष्ट्रपिता की उपाधि नहीं दी गई है। इस बात का खुलासा फरवरी 2012 में एक आरटीआई से लगा था। उस साल लखनऊ की एक 10 साल की लड़की ने एक RTI डाली थी कि गांधी जी को 'राष्ट्रपिता' की उपाधि किसने दी थी? पीएमओ की तरफ से जवाब आया कि इस टाइटल से जुड़ा कोई रिकॉर्ड नहीं है। वहीं MHA और नेशनल आर्काइव ऑफ़ इंडिया ने भी ऐसा कोई रिकॉर्ड न होने की बात की।दरअसल ये टाइटल महात्मा जी को पहली बार सुभाष चंद्र बोस ने 6 जुलाई, 1944 को सिंगापुर रेडियो पर दी थी। तब से ही हर कोई गांधी जी को राष्ट्रपिता कहता है।
  2. योग शारिरिक व्यायाम-
    आदियोगी शिव यौगिक मुद्रा में
    योग हिंदू धर्म के छह दर्शनों में से एक है, और उन चार दर्शन में से एक है जो अद्वैत परंपरा का पालन करता है। योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं बल्कि आध्यात्मिक तकनीक है। योग शब्द संस्कृत के युज धातु से बना है, शरीर मन और आत्मा को जोड़ने की प्रक्रिया योग कहलाती है। यह धारणा जैन धर्म , हिन्दू धर्म और बौद्ध धर्म से सम्बंधित है। योग का महत्व स्वास्थ्य सुधार से ले कर मोक्ष प्राप्त करने तक है।
  3. हॉकी राष्ट्रीय खेल- 
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    बचपन में आपने किताबों में भले ही पढ़ा हो कि हॉकी हमारा राष्ट्रीय खेल है, लेकिन सच में ऐसा है नहीं। देश को ओलंपिक में आठ स्वर्ण और एक विश्व कप पदक दिलाने वाले इस खेल को सरकारी दस्तावेजों में राष्ट्रीय खेल का दर्जा हासिल नहीं है।
  4. भारत के इतिहास की शुरुआत सिंधु घाटी सभ्यता से-
    सिनौली में खुदाई से प्राप्त 5000वर्ष पुरानी तलवार मुकुट इत्यादि
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    भारत के इतिहास में दो बातें प्रचारित की जाती है। पहली यह की भारतीय इतिहास की शुरुआत सिंधु घाटी की सभ्यता से होती है। दूसरी यह की सिंधु घाटी के लोग द्रविड़ थे अर्थात वे आर्य नहीं थे। कुछ इतिहासकारों का मानना है कि यह दोनों ही बातें झूठ है। भारतीय इतिहास की शुरुआत को सिंधु घाटी की सभ्यता या फिर बौद्धकाल से जोड़कर नहीं देखा जा सकता। कुछ इतिहासकार इसे सिकंदर के भारत आगमन से जोड़कर देखते हैं। बौद्ध काल या सिंधु घाटी सभ्यता के काल को प्राचीन भारत के इतिहास का काल मानना उचित नहीं। दरअसल, यह भारत के प्राचीन काल का अंतिम हिस्सा था।यदि हम मेहरगढ़ संस्कृति और सभ्यता की बात करें तो वह लगभग 7000 से 3300 ईसा पूर्व अस्तित्व में थी जबकि सिंधु घाटी सभ्यता 3300 से 1700 ईसा पूर्व अस्तित्व में थी। प्राचीन भारत के इतिहास की शुरुआत 1200 ईसापूर्व से 240 ईसा पूर्व के बीच नहीं हुई थी। यदि हम धार्मिक इतिहास के लाखों वर्ष के प्राचीन इतिहास को न भी मानें तो संस्कृ‍त और कई प्राचीन भाषाओं के इतिहास के तथ्‍यों के अनुसार प्राचीन भारत के इतिहास की शुरुआत लगभग 13 हजार ईसापूर्व हुई थी अर्थात आज से 15 हजार वर्ष पूर्व।
  5. भारत एक हिन्दू देश-भारतीय संविधान के अनुसार भारत एक धर्म निरपेक्ष राष्ट्र हैं, भारतीय जनगणना रिपोर्ट की बात करें तो भारत में हिन्दु धर्म को मानने वालों की संख्या ज्यादा हैं पर अन्य धर्म को मानने वालों की संख्या भी ज्यादा कम नहीं हैं अंततः हम कह सकते हैं भारत एक हिन्दु राष्ट्र नहीं अपितु सभी धर्मो को एक साथ लेेेकर चलने वाला एक राष्ट्र है जहाँ सभी धर्मों को बराबर की स्वतंत्रता दी जाती है , परंतु सँसार भारतवर्ष को मूलतः हिन्दू-राष्ट्र ही मानता रहा है और भारतीय संस्कृति अपने विविध रंगों एवं विशिष्टताओं के साथ अंततः हिन्दू-संस्कृति ही मानी जाती है।
  6. अंधविश्वास और सँपेरो का देश- 
    भारत को एक समय पर पश्चिमी देश के लोग सँपेरो का देश कहा करते थें। जबकि इसी देश ने दुनिया को पढ़ना लिखने से ले कर कला विज्ञान दर्शन साहित्य नृत्य संगीत सब कुछ दिया है। दुनिया का पहला विश्वविद्यालय तक्षशीला भारत की ही देन है जहाँ भौतिक विज्ञान रसायन विज्ञान खगोलशास्त्र संगीत नाट्यशास्त्र शिल्पकला चित्रकला जैसे 60 से ज्यादा विषयों को पढ़ने कई देशों से विद्यार्थी आते थे। कणाद के परमाणु संरचना के सिद्धान्त से सूर्य सिद्धांत तक महर्षि सुश्रुत के प्लास्टिक सर्जरी से लेकर भव्य मंदिरों के अविश्वसनीय शिल्पकृतियो तक सब क्षेत्र में भारत प्राचीन काल से पूरी दुनिया में सर्वोच्च रहा है। शून्य से अनंत तक के सिद्धान्त को आर्यभट्ट और रामानुजन जैसे गणितज्ञ ने दुनिया को दिया और ऐसे कई वैज्ञानिक तथ्यों को दिया जो आज भी शोध का विषय बना हुआ है जिससे सब अंजान है। प्राचीन काल में भारत सर्व-सम्पन्न देश था शायद विदेशियों को उस समय विज्ञान की इतनी समझ नही थी जो उन्होंने इसे सँपेरो का देश समझ लिया।
  7. कुतुबमीनार इस्लामिक संरचना- 
     कुतब प्राँगण में स्थित मंदिरों व मूर्तियों के अवशेष
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    बहुत से लोग कुतुबमीनार को कुतुबुद्दीन ऐबक और ईल्तुतमिश द्वारा निर्मित एक इस्लामिक धरोहर मानते हैं परंतु वास्तव में कुतुबमीनार का प्राँगण एक हिन्दू मंदिर हुआ करता था और कुतुबमीनार को ध्रुव स्तंभ के नाम से जाना जाता था जो कि खगोलशास्त्री वराहमिहिर ने अपने खगोलीय परीक्षणों के लिये बनवाया था ऐसे ही उन्होंने स्तम्भ के चारो तरफ 27 परिपथों का निर्माण करवाया था, और इन परिपथों के स्तम्भों पर देवी देवताओं की कलाकृतियां बनाई गई थी और सबसे बड़ा प्रमाण यह है , इसी परिसर में बना हुआ लोह स्तम्भ , जिसमे ब्राह्मी लिपि में लिखा गया है की ये स्तम्भ सम्राट चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य ने बनवाया है। जिनके नवरत्नों में से एक वराहमिहिर भी थें।
  8. हिंदी राष्ट्रभाषा-हिन्दी भारत की सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है लेकिन हिन्दी भारत की राष्ट्रभाषा नहीं है, भारत की कोई राष्ट्रभाषा नहीं है बल्कि 24 आधिकारिक भाषाएँ है। जिनमें हिन्दी भी एक है। हिन्दी के अतिरिक्त संस्कृत,तमिल,तेलगु कन्नड़,पंजाबी,उर्दू,मराठी,गुजराती मुख्य आधिकारिक भाषाएँ हैं। हिन्दी की लिपि देवनागरी लिपि है तथा शुद्ध हिंदी 2000 वर्ष पुरानी भारतीय भाषा है।
  9. भारत एक गरीब देश है-ना भारत एक ऐसा देश है जहाँ अमीर और गरीब के बीच एक बहुत बड़ा अन्तराल है। परन्तु हाल ही में संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) और ऑक्सफोर्ड गरीबी तथा मानव विकास पहल (OPHI) द्वारा वैश्विक बहुआयामी गरीबी सूचकांक (MPI) 2018 जारी किया गया। इसके अनुसार 2005-06 के बाद से भारत में 270 मिलियन से ज़्यादा लोग गरीबी से मुक्त  हुए हैं और देश में गरीबी दर 10 साल की अवधि में लगभग आधी हो गई है। रिपोर्ट में कहा गया कि भारत में दिल्ली, केरल और गोवा में गरीबों की संख्या सबसे कम है। इसके साथ ही भारत की अर्थव्यवस्था विश्व में सबसे तेजी से बढ़ रही है और भारत दुनिया के सबसे अमीर देशों की सूची में 5वेें स्थान पर (GDP) आता है। लेकिन भारत के सामने अमीर और गरीब के बीच के बढ़ते अंतराल को ले के समस्याएँ खड़ी हो सकती हैं।
10. असुरक्षित देश-थॉमसन रॉयटर्स फांउडेशन (Thomson Reuters Foundation Survey) के उस सर्वे को राष्ट्रीय महिला आयोग ने खारिज कर दिया है, जिसमें भारत को महिलाओं के लिए सबसे खतरनाक देश बताया गया है। इस अध्ययन में 548 लोगों की राय ली गई है। ऐसे में जानना भी बेहद महत्वपूर्ण है कि इन विशेषज्ञों में से भारत से कितने लोग थे? उनमें महिलाएं कितनी थीं? यह सर्वे पूरी तरह से पूर्वाग्रह से ग्रसित नजर आता है, क्योंकि भारत से कहीं ज्यादा असुरक्षित देश जहाँ महिलाओं को 4 लोगों के सामने अपनी बात रखने का भी अधिकार नहीं है उससे भी असुरक्षित बताया गया है। भारत की जनसंख्या ज्यादा है और यहाँ ज्यादातर आपराधिक मामले दर्ज होते हैं ऐसे में आकड़ो के हिसाब से भारत में सामान्य आपराधिक घटनाएं दूसरे देशों से ज्यादा लग सकता है। परन्तु वो वास्तव में सामान्य होता है एक रिपोर्ट के अनुसार भारत मे आपराधिक मामलों में 1.2% की गिरावट आई है। ऐसे में भारत किसी भी प्रकार से सुरक्षित तो नहीं लेकिन सबसे असुरक्षित देश भी नहीं है।
भारत के बारें में 10 मिथक भारत के बारें में 10 मिथक Reviewed by Vinit Gupta on January 18, 2019 Rating: 5

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